कुंडली मिलान मे दोष समाप्ति

कुंडली के दोष समाप्ति

कुण्डली मिलान भाग 11

1) नाड़ी दोष की समाप्ति

नाड़ी मिलान को कुण्डली मिलान मे सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।
नाडी दोष को निम्नलिखित परिस्थिती मे समाप्त माना जाता है कहा जाता है,
क)जन्मनक्षत्र एक हो पर नक्षत्र पद/चरण भिन्न हो
ख)जन्मराशी एक हो पर जन्मनक्षत्र भिन्न हो
ग)जन्मनक्षत्र एक हो पर जन्मराशी भिन्न हो

2) भूकूट दोष समाप्ति

निम्नलिखित परिस्थिती मे भूकूट दोष समाप्त माना जाता है
क)जन्मराशि का स्वामी दोनों कुंडली मे एक हो
ख) जन्मराशि का स्वामी एक-दूसरे के नैसर्गिक मित्र हो
ग)कुंडली मे नाडी दोष मौजूद नहीं हो तब ऐसा माना जाता है कि भूकुट दोष का प्रभाव कम होता है।

3)गण दोष समाप्ति

निम्नलिखित परिस्थिती मे गण दोष समाप्त माना जाता है

क)जन्मराशी आपस मे मित्र हो और नाड़ी दोष कुंडली मे न हो

ख)नवांश लग्न स्वामी आपस मे मित्र हो

ग)गण दोष समाप्त माना जाता है यदि कुण्डली मे तारा दोष, वश्य दोष, भूकूट दोष, ग्रहमैत्री दोष, योनि दोष नहीं हो

घ) जन्मराशी स्वामी एक हो पर नवांश स्वामी भिन्न हो

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