ज्योतिष

कुंडली मिलान मे दोष समाप्ति

कुंडली के दोष समाप्ति कुण्डली मिलान भाग 11 1) नाड़ी दोष की समाप्ति नाड़ी मिलान को कुण्डली मिलान मे सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।नाडी दोष को निम्नलिखित परिस्थिती मे समाप्त माना जाता है कहा जाता है,क)जन्मनक्षत्र एक हो पर नक्षत्र पद/चरण भिन्न होख)जन्मराशी एक हो पर जन्मनक्षत्र भिन्न होग)जन्मनक्षत्र एक हो पर जन्मराशी भिन्न …

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भकूट मिलान

भकूट मिलान कुंडली मिलान भाग – 9 पिछले अंक मे हमने गण मिलान के बारे मे जानकारी प्राप्त की। चंद्रमा जन्मसमय जिस राशी मे हो उसे भकूट कहते है अर्थात जन्म राशी जातक/जातिका के भूकुट को बताते है। भकूट मिलान मे हम वर और वधू के जन्म राशि के आपसी संबंध का मिलान करते है। …

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गण मिलान

गण गुण मिलान कुण्डली मिलान भाग – 8 पिछले अंक मे हमने ग्रह मेेैत्री मिलान के बारे मे जानकारी प्राप्त की।  गण तीन प्रकार के होते है, देव गण, मानव गण, दानव गण। गण मिलान की महता इसके अंक से ही समझी जा सकती है। गण मिलान को कुंडली मिलान  मे 6 अंक आवंटित किया …

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ग्रह मैत्री मिलान

       ग्रह मैत्री गुण मिलान कुण्डली मिलान भाग – 7 पिछले अंक मे हमने योनि मिलान की विधी की जानकारी प्राप्त की। ग्रह मेेैत्री गुण मिलान मे हम ग्रहों की प्राकृतिक मित्रता का मिलान करते है। चंद्रमा मन का कारक ग्रह है। अतः चंद्रमा जब राशि विशेष मे हो तो उस राशि के स्वामी का …

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योनि मिलान की विधि

       योनि मिलान कुण्डली मिलान भाग – 6 पिछले अंक मे हमने तारा मिलान के बारे मे जानकारी प्राप्त की। कुंडली में हम योनि मिलान शारीरिक संबंध मे अनुकुलता के बारे मे जानने के लिए करते है। विवाह मे एक दुसरे के प्रति शारीरिक संबंधों मे संतुष्टि का होना महत्वपूर्ण है। योनि मिलान द्वारा हम …

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तारा मिलान

हम तारा मिलान क्यो करते है कुंडली मिलान भाग – 5 पिछले अंक मे हमने वश्य मिलान के बारे मे जानकारी प्राप्त की। तारा मिलान अष्टकूट मिलान की तृतीय कूट मिलान है। तारा मिलान मे हम जातक और जातिका के जन्मनक्षत्र की आपस मे सहजता का मिलान करते है। जैसा कि हम सभी जानते है …

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वर्ण मिलान

कुंडली मिलान भाग – 3 वर्ण   मिलान पिछले अंक मे हम कुण्डली मिलान की अष्टकूट विधी की बारे मे जानकारी प्राप्त किया । कुंडली मिलान मे प्रथम कूट मिलान है वर्ण मिलान । वर्ण का साधारण अर्थ कास्ट या जाति। हमारी सामाजिक वर्ण व्यवस्था को चार भागों मे विभाजित किया गया है, जो इस प्रकार …

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कुण्डली मिलान की अष्टकूट विधी

    कुण्डली मिलान भाग – 2     कुण्डली मिलान की अष्टकूट विधी पिछले अंक मे हमने जानकारी प्राप्त किया कि हम कुण्डली क्यों मिलाते है। आज हम कुंडली मिलान के अष्ट कूट विधि के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है अष्टकूट, 8 भागो से मिलकर बना है। अतः सर्वप्रथम …

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नाड़ी मिलान कुण्डली मिलान भाग 12

             नाड़ी मिलान     कुण्डली मिलान भाग 12 पिछले अंक मे हमने भूकूट मिलान के बारे मे जानकारी प्राप्त की। नाडी मिलान कुण्डली मिलान की प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण मिलान माना जाता है।इसे कुण्डली मिलान मे 8अंक आवंटित किया जाता है।संतान उत्पत्ति और स्वास्थ्य इस मिलान का मुख्य उद्देश्य है। यह माना जाता है कि …

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रेवती नक्षत्र

रेवती नक्षत्र 1) 27th नक्षत्र 2) अंग्रेजी नाम- जेटा Piscium 3)नक्षत्र स्थिति – 16 डिग्री 40 मिनट मीन राशी से 30 डिग्री मीन राशी तक 4) राशि स्वामी – बृहस्पति 5)विशोंतरी दशा स्वामी – बुध 6) देवता – पूशान (आदित्यों में से एक) 7) प्रतीक –  बेलनाकार समय घड़ी 8) वर्ण- शूद्र लेकिन कुण्डली में …

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